Suraj Ki Garmi Se Lyrics in Hindi & English

“Suraj Ki Garmi Se Lyrics” is a Special Bhajan i.e. Dedicated to Shri Ram, Sita, as well as Laxman. And all People like this bhajan because Sharma Brothers have given there Best Performance in the Bhajan.

And there is a Remix which is Created and Composed by Anup Jalota.

Bhajan Credits

SONGSuraj Ki Garmi Se
SINGERAnup Jalota, Sharma Brothers
LABELT-Series
LYRICISTAnup Jalota

Suraj Ki Garmi Se Lyrics in Hindi

जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
मिल जाये तरुवर की छाया
ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है
मैं जब से शरण तेरी आया, मेरे रामभटका हुआ मेरा मन था कोई, मिल ना रहा था सहारा
लहरों से लड़ती हुई नाव को जैसे मिल ना रहा हो किनारा
उस लड़खड़ाती हुई नाव को जो किसी ने किनारा दिखायाशीतल बने आग चंदन के जैसी, राघव कृपा हो जो तेरी
उजियाली पूनम की हो जाए रातें, जो थी अमावस अंधेरी
युग युग से प्यासी मरूभूमी ने जैसे सावन का संदेस पायाजिस राह की मंज़िल तेरा मिलन हो, उस पर कदम मैं बढ़ाऊँ
फूलों में खारों में, पतझड़ बहारों में, मैं ना कभी डगमगाऊँ
पानी के प्यासे को तकदीर ने जैसे जी भर के अमृत पिलाया

Suraj Ki Garmi Se Lyrics in English

Jaise suuraj kii garmii se jalate hue tan ko
Mil jaaye taruvar ki chhaayaa
Aisaa hii sukh mere man ko milaa hai
Mai.n jabase sharaN terii aayaa, mere raam

BhaTakaa huaa meraa man thaa koI
Mil naa rahaa thaa sahaaraa
Laharo.n se la.Datii huI naav ko
Jaise mil naa rahaa ho kinaaraa, mil naa rahaa ho kinaaraa
Us la.Dakha.Daatii huI naav ko jo
Kisii ne kinaaraa dikhaayaa
Aisaa hii sukh …

Shiital bane aag cha.ndan ke jaisii
Raaghav kR ^ ipaa ho jo terii
Ujiyaalii puunam kii ho jaae.n raate.n
Jo thii.n amaavas a.ndherii, jo thii.n amaavas a.ndherii
Yug-yug se pyaasii marubhuumi ne
Jaise saavan kaa sa.ndes paayaa
Aisaa hii sukh …

Jis raah kii ma.nzil teraa milan ho
Us par kadam mai.n ba.DhaaU.n
Phuulo.n me.n khaaro.n me.n, patajha.D bahaaro.n me.n
Mai.n na kabhii DagamagaaU.n, mai.n na kabhii DagamagaaU.n
Paanii ke pyaase ko taqadiir ne
Jaise jii bhar ke amR ^ it pilaayaa
Aisaa hii sukh …

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Jhuk Jaiyo Tanak Raghuveer Lyrics (Hin/Eng)

This Bhajan “Jhuk Jaiyo Tanak Raghuveer Lyrics” is fully dedicated to Sita-Ram, as in this the Father of Mata Sita is Appealing to Shri Ram that please.

And the whole bhajan is created for Sita-Ram, and main theme of the Bhajan is the Relationship of God-Goddess.

Bhajan Credits

SONGJhuk Jaiyo Tanak Raghuveer Lyrics
SINGERRajesh Mishra ‘Mishra Bandhu
LABELT-Series
LICENSE BY YOUTUBETseries Music (on behalf of T-Series)

Jhuk Jaiyo Tanak Raghuveer Lyrics in Hindi

झुक जइयो तनक रघुवीर
सिया मेरी छोटी है

सिया मेरी छोटी लली मेरी छोटी
तुम हो बड़े बलवीर सिया मेरी छोटी है

झुक जइयो तनक रघुवीर
सिया मेरी छोटी है

जय माला ले लिए कब से है थारी……………2
धुखन लागों शरीर सिया मेरी छोटी है

झुक जइयो तनक रघुवीर
सिया मेरी छोटी है

तुम तो हो राम जी अयोधा के राजा……………2
और हम है जनक के गरीब सिया मेरी छोटी है

झुक जइयो तनक रघुवीर……………2
सिया मेरी छोटी है

लक्मण की भाबी की दुबिधा पहचानी
राम जी के चरणो में वो झुक गए है ज्ञानी

सब कहे जय जय रघवीर प्रभु जी क्या जोड़ी है……………….6

Jhuk Jaiyo Tanak Raghuveer Lyrics in English

Jhuk jaiyo tanak raghuveer
Siya meree chhotee hai

Siya meree chhotee lalee meree chhotee
Tum ho bade balaveer siya meree chhotee hai

Jhuk jaiyo tanak raghuveer
Siya meree chhotee hai

Jay maala le lie kab se hai thaaree……………2
Dhukhan laagon shareer siya meree chhotee hai

Jhuk jaiyo tanak raghuveer
Siya meree chhotee hai

Tum to ho raam jee ayodha ke raaja……………2
Aur ham hai janak ke gareeb siya meree chhotee hai

Jhuk jaiyo tanak raghuveer……………2
Siya meree chhotee hai

Lakman kee bhaabee kee dubidha pahachaanee
Raam jee ke charano mein vo jhuk gae hai gyaanee

Sab kahe jay jay raghaveer prabhu jee kya jodee hai……………….6

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Hum Katha Sunate Ram Sakal Lyrics – By Ravindra Jain

This Bhajan “Hum Katha Sunate Ram Sakal Lyrics” is the sensation Bhajan which is presented in the Ramayana of the 1980s.

And in the Whole Bhajan, the Character of Shri Ram is presented by his Children i.e. Luv Kush.

Bhajan Credits

SONGHum Katha Sunate Ram Sakal
SINGERRavindra Jain
KATHARamayan

Hum Katha Sunate Ram Sakal Lyrics in Hindi

हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की,
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की।।

श्लोक – ॐ श्री महागणाधिपतये नमः,
ॐ श्री उमामहेश्वराभ्याय नमः।
वाल्मीकि गुरुदेव के पद पंकज सिर नाय,
सुमिरे मात सरस्वती हम पर होऊ सहाय।
मात पिता की वंदना करते बारम्बार,
गुरुजन राजा प्रजाजन नमन करो स्वीकार।।

हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की,
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की।।

जम्बुद्विपे भरत खंडे आर्यावर्ते भारतवर्षे,
एक नगरी है विख्यात अयोध्या नाम की,
यही जन्म भूमि है परम पूज्य श्री राम की,
हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की,
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की,
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की।।

रघुकुल के राजा धर्मात्मा,
चक्रवर्ती दशरथ पुण्यात्मा,
संतति हेतु यज्ञ करवाया,
धर्म यज्ञ का शुभ फल पाया।
नृप घर जन्मे चार कुमारा,
रघुकुल दीप जगत आधारा,
चारों भ्रातों के शुभ नामा,
भरत, शत्रुघ्न, लक्ष्मण रामा।।

गुरु वशिष्ठ के गुरुकुल जाके,
अल्प काल विद्या सब पाके,
पूरण हुई शिक्षा,
रघुवर पूरण काम की,
हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की,
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की,
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की।।

मृदु स्वर कोमल भावना,
रोचक प्रस्तुति ढंग,
एक एक कर वर्णन करें,
लव कुश राम प्रसंग,
विश्वामित्र महामुनि राई,
तिनके संग चले दोउ भाई,
कैसे राम ताड़का मारी,
कैसे नाथ अहिल्या तारी।

मुनिवर विश्वामित्र तब,
संग ले लक्ष्मण राम,
सिया स्वयंवर देखने,
पहुंचे मिथिला धाम।।

जनकपुर उत्सव है भारी,
जनकपुर उत्सव है भारी,
अपने वर का चयन करेगी सीता सुकुमारी,
जनकपुर उत्सव है भारी।।

जनक राज का कठिन प्रण,
सुनो सुनो सब कोई,
जो तोड़े शिव धनुष को,
सो सीता पति होई।

को तोरी शिव धनुष कठोर,
सबकी दृष्टि राम की ओर,
राम विनय गुण के अवतार,
गुरुवर की आज्ञा सिरधार,
सहज भाव से शिव धनु तोड़ा,
जनकसुता संग नाता जोड़ा।

रघुवर जैसा और ना कोई,
सीता की समता नही होई,
दोउ करें पराजित,
कांति कोटि रति काम की,
हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की,
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की,
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की।।

सब पर शब्द मोहिनी डारी,
मन्त्र मुग्ध भये सब नर नारी,
यूँ दिन रैन जात हैं बीते,
लव कुश नें सबके मन जीते।

वन गमन, सीता हरण, हनुमत मिलन,
लंका दहन, रावण मरण, अयोध्या पुनरागमन।

सविस्तार सब कथा सुनाई,
राजा राम भये रघुराई,
राम राज आयो सुखदाई,
सुख समृद्धि श्री घर घर आई।

काल चक्र नें घटना क्रम में,
ऐसा चक्र चलाया,
राम सिया के जीवन में फिर,
घोर अँधेरा छाया।

अवध में ऐसा, ऐसा इक दिन आया,
निष्कलंक सीता पे प्रजा ने,
मिथ्या दोष लगाया,
अवध में ऐसा, ऐसा इक दिन आया।

चल दी सिया जब तोड़ कर,
सब नेह नाते मोह के,
पाषाण हृदयों में,
ना अंगारे जगे विद्रोह के।

ममतामयी माँओं के आँचल भी,
सिमट कर रह गए,
गुरुदेव ज्ञान और नीति के,
सागर भी घट कर रह गए।

ना रघुकुल ना रघुकुलनायक,
कोई न सिय का हुआ सहायक।
मानवता को खो बैठे जब,
सभ्य नगर के वासी,
तब सीता को हुआ सहायक,
वन का इक सन्यासी।

उन ऋषि परम उदार का,
वाल्मीकि शुभ नाम,
सीता को आश्रय दिया,
ले आए निज धाम।

रघुकुल में कुलदीप जलाए,
राम के दो सुत सिय नें जाए।

( श्रोतागण ! जो एक राजा की पुत्री है,
एक राजा की पुत्रवधू है,
और एक चक्रवर्ती राजा की पत्नी है,
वही महारानी सीता वनवास के दुखों में,
अपने दिन कैसे काटती है,
अपने कुल के गौरव और स्वाभिमान की रक्षा करते हुए,

किसी से सहायता मांगे बिना,
कैसे अपना काम वो स्वयं करती है,
स्वयं वन से लकड़ी काटती है,
स्वयं अपना धान कूटती है,
स्वयं अपनी चक्की पीसती है,
और अपनी संतान को स्वावलंबी बनने की शिक्षा,
कैसे देती है अब उसकी एक करुण झांकी देखिये ) –

जनक दुलारी कुलवधू दशरथजी की,
राजरानी होके दिन वन में बिताती है,
रहते थे घेरे जिसे दास दासी आठों याम,
दासी बनी अपनी उदासी को छुपाती है,
धरम प्रवीना सती, परम कुलीना,
सब विधि दोष हीना जीना दुःख में सिखाती है,

जगमाता हरिप्रिया लक्ष्मी स्वरूपा सिया,
कूटती है धान, भोज स्वयं बनती है,
कठिन कुल्हाडी लेके लकडियाँ काटती है,
करम लिखे को पर काट नही पाती है,
फूल भी उठाना भारी जिस सुकुमारी को था,
दुःख भरे जीवन का बोझ वो उठाती है,
अर्धांगिनी रघुवीर की वो धर धीर,
भरती है नीर, नीर नैन में न लाती है,

जिसकी प्रजा के अपवादों के कुचक्र में वो,
पीसती है चाकी स्वाभिमान को बचाती है,
पालती है बच्चों को वो कर्म योगिनी की भाँती,
स्वाभिमानी, स्वावलंबी, सबल बनाती है,
ऐसी सीता माता की परीक्षा लेते दुःख देते,
निठुर नियति को दया भी नही आती है।।

उस दुखिया के राज दुलारे,
हम ही सुत श्री राम तिहारे।

सीता माँ की आँख के तारे,
लव कुश हैं पितु नाम हमारे,
हे पितु भाग्य हमारे जागे,
राम कथा कही राम के आगे।।

पुनि पुनि कितनी हो कही सुनाई,
हिय की प्यास बुझत न बुझाई,
सीता राम चरित अतिपावन,
मधुर सरस अरु अति मनभावन।।

Hum Katha Sunate Ram Sakal Lyrics in English

Om shree maha
Ganadhi patey namah
Om shree umamaheshawara bhya namah

Vaalmiki gurudeva ne
Kar pankaj teer naam
Sumire maat saraswati
Hum par ho khud sawaar
Maat peeta ki vandana
Karte baaram baar
Gurujan raaja praja
Jan naman karo svikaar

Hum katha sunate
Ram sakal gundham ki
Hum katha sunate
Ram sakal gundham ki
Yeh ramayan hai
Punya katha shrii ram ki

Jambu dweepebharat khande
Aryavarte bharat varshe
Ek nagari hai vikyat ayodhya naam ki
Yehi janma bhoomi hai
Param pujya shrii ram ki…
Hum katha sunate
Ram sakal gun dham ki
Yeh ramayan hai
Punya katha shrii ram ki……
Yeh ramayan hai
Punya katha shrii ram ki

Raghukul ke raja dharmatma
Chakravarti dashrath punyatma
Santati hetu yagya karvaya
Dharm yagya ka shubh phal paya
Nrip ghar janme char kumaraa
Raghukul deep jagat adhaara…
Charon bhratonke shubh naama
Bharat shatryghna lakshman rama…

Guru vashishtha ke gurukul jaake
Alpa kaal vidya sab paake
Puran huyi shiksha
Raghuvar puran kaam ki
Hum katha sunate
Ram sakal gun dham ki
Yeh ramayan hai
Punya katha shrii ram ki
Yeh ramayan hai
Punya katha shrii ram ki

Mruduswar komal bhavana
Rochak prastuti dhang
Ek ek kar varnan kare
Lav-kush ram prasang
Vishwamitr mahamuni raayi
Inke sang chale do bhai

Kaise ram tadka
Kaise naath ahilya taari
Munivar vishwamitra tab
Sang le lakshman ram
Siya swayamvar dekhne
Pahunche mithila dham

Janakpur utsav hain bhaari
Janakpur utsav hain bhaari
Apne var ka chayan
Karigi sita sukumari
Janakpur utsav hain bhaari

Janak raj ka kathin pran
Suno suno sab koi
Jo tode shiv dhanush ko
So sita pati hoye
Jo tore shiv dhanush kathor
Sab ki drishti ram ki oar
Ram vinaygun ke avtaar
Guruvar ki aagya siroddhar
Sehej bhaav se shiv dhanu toda
Janak suta sang naata joda

Raghuvar jaisa aur na koi..
Sita ki samata nahin hoyi
Jo kare parajit kaanti koti rati kaam ki
Hum katha sunate ram sakal gundham ki
Yeh ramayan hai punya katha siya ram ki

Sab par shabd mohini daali
Mantramugdha bhaaye sab nar naari
Yun din rain jaat hain beete
Lav-kush ne sab ke mann jeete
Van gaman sita haran hanumat milan
Lanka dehen ravan maran
Ayodhya punaraagaman
Sab vistar katha sunaayi
Raja ram bhaye raghuraai
Ram-raj aayo sukh daayi
Sukh samriddhi shrii gharghar aayi

Kaal chakra ne ghatna kram mein
Aisa chakra chalaya
Ram siya ke jeevan mein
Phir ghor andhera chaaya!!

Avadh mein aisa aisa ek din aaya
Nishkalank pe praja ne
Mithya dosh lagaya!!
Avadh mein aisa aisa ek din aaya

Chadi siya jab todke
Sab sneh-naatae moh ke
Pashan hridayonmein na
Angaare jage vidhroha ke
Mamtamayi maaonke
Aanchal bhi simat kar reh gaye
Gurudev gyan aur neeti ke
Sagar bhi ghat kar rehgaye….

Na raghukul na raghukul nayak
Koi na hua sia ka sahayak…
Maanavta ko kho baithe jab
Sabhya nagar ke vaasi
Tab sita ko hua sahayak
Van ka ek sanyaasi….

Un rishi param udaar ka
Valmiki shubh naam
Sita ko aashray diya
Le aaye nij dham..

Raghukul mein kuldeep jalaye..
Ram ke do sut siya ne jaaye..

Shrota gan jo ek raja ki putri hain
Ek raja ki putrvadhu hain
Aur ek chakravati samrat ki patni hain
Wohi maharani sita
Vanvaas ke dukho mein
Apne dino kaise kaat ti hain
Apne kul ke gaurav aur
Swabhimaan ki raksha karte huye
Kisi se sahayta maange bina
Kaise apna kaam woh swayam karti hain…
Swayam van se lakdi kaant ti hain
Swayam apna dhaan kootti hain
Swayam apni chakki peesti hain
Aur apni santaanonko
Swavalambi banane
Ki shiksha kaise deti hain
Ab uski karun jhaani dekhiye.

Janak dulari kulavadhu
Dasharath ji ki raj rani ho
Ke din van mein bitati hain……
Rehti thi gheri jise
Das- dasi aatho yam
Daasi bani apni
Udaasi ko chupati hain…
Dharam praveena
Sati param kulina sab
Vidhi dosh-hina
Jina dukh mein sikhati hain

Jagmata hari-priya lakshmi swarupa siya
Koonti te hain dhaan bhoj swayam banati hain
Kathin kulhadi leke lakdiya kaant ti hain
Karam likhe ko par kaant nahi paati hain…

Phool bhi uthana bhaari jis sukumari ko tha
Dukh bhari jeevan woh uthathi hain
Ardhangi raghuveer ki woh dhare dheer
Bharti hai neer neer jal mein nehlati hain

Jiske prajake apvaadon
Kuchakra mein
Peesti hai chaaki
Swabhiman bachati hain….
Paalti hain bachchonko
Woh karmayogini ke bhaati
Swavalambi safal banati hain
Aisi sita mata ki pariksh leti
Nithur niyati ko daya bhi nahi aati hain…

O…us dukhiya ke raj-dulaare…
Hum hi sut shrii ram tihaare….

O….sita maa ki aankh ki taare…ee …
Lav-kush hain pitu naam hamare….
He pitu bhagya hamare jaage
Ram katha kahe ram ke aage……

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Sita Ram Sita Ram Kahiye Lyrics (Anup Jalota)

This Bhajan “Sita Ram Sita Ram Kahiye Lyrics” is one of the most Popular and most liked Devotee Bhajan of Sita-Ram

And there are only few Bhajans of Sita-Ram available, but all the Bhajan like Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram become sensation in the Audience who likes to sing the bhajan of Ram-Sita.

Bhajan Credits:

BHAJAN INFOCREDITS
Song Sita Ram Sita Ram Kahiye
SingerAnup Jalota
Media PartnerSHLOK IT SOLUTION
LyricistTraditional

Sita Ram Sita Ram Kahiye Lyrics in Hindi

सीता राम सीता राम,
सीताराम कहिये,
जाहि विधि राखे राम,
ताहि विधि रहिये।

मुख में हो राम नाम,
राम सेवा हाथ में,
तू अकेला नाहिं प्यारे,
राम तेरे साथ में ।
विधि का विधान जान,
हानि लाभ सहिये,
जाहि विधि राखे राम,
ताहि विधि रहिये ॥

सीता राम सीता राम,
सीताराम कहिये,
जाहि विधि राखे राम,
ताहि विधि रहिये ।

किया अभिमान तो फिर,
मान नहीं पायेगा,
होगा प्यारे वही जो,
श्री रामजी को भायेगा ।
फल आशा त्याग,
शुभ कर्म करते रहिये,
जाहि विधि राखे राम,
ताहि विधि रहिये ॥

सीता राम सीता राम,
सीताराम कहिये,
जाहि विधि राखे राम,
ताहि विधि रहिये ।

ज़िन्दगी की डोर सौंप,
हाथ दीनानाथ के,
महलों मे राखे चाहे,
झोंपड़ी मे वास दे ।
धन्यवाद निर्विवाद,
राम राम कहिये,
जाहि विधि राखे राम,
ताहि विधि रहिये ॥

सीता राम सीता राम,
सीताराम कहिये,
जाहि विधि राखे राम,
ताहि विधि रहिये ।

आशा एक रामजी से,
दूजी आशा छोड़ दे,
नाता एक रामजी से,
दूजे नाते तोड़ दे ।
साधु संग राम रंग,
अंग अंग रंगिये,
काम रस त्याग प्यारे,
राम रस पगिये ॥

सीता राम सीता राम,
सीताराम कहिये,
जाहि विधि राखे राम,
ताहि विधि रहिये ।

Sita Ram Sita Ram Kahiye Lyrics in English

Sita Raam Sita Raam,
Sitaraam Kahiye,
Jaahi Vidhi Raakhe Raam,
Taahi Vidhi Rahiye ।

Mukh Mein Ho Raam Naam,
Raam Seva Hath Mein,
Tu Akela Nahin Pyare,
Raam Tere Saath Mein ।
Vidhi Ka Vidhaan Jaan,
Haani Laabh Sahiye,
Jaahi Vidhi Raakhe Raam,
Taahi Vidhi Rahiye ॥

Sita Raam Sita Raam,
Sitaaraam Kahiye,
Jaahi Vidhi Raakhe Raam,
Taahi Vidhi Rahiye ।

Kiya Abhiman to Phir,
Maan Nahin Payega,
Hoga Pyaare Vahee Jo,
Shree Raamajee Ko Bhaayega ।
Phal Asha Tyaag,
Shubh Karm Karate Rahiye,
Jaahi Vidhi Raakhe Raam,
Taahi Vidhi Rahiye ॥

Sita Raam Sita Raam,
Sitaaraam Kahiye,
Jaahi Vidhi Raakhe Raam,
Taahi Vidhi Rahiye ।

Zindagi Ke Dor Saump,
Hath Deenanaath Ke,
Mahalon Me Raakhe Chaahe,
Jhompadi Me Vaas De ।
Dhanyavad Nirvivaad,
Raam Raam Kahiye,
Jaahi Vidhi Raakhe Raam,
Taahi Vidhi Rahiye ॥

Sita Raam Sita Raam,
Sitaaraam Kahiye,
Jaahi Vidhi Raakhe Raam,
Taahi Vidhi Rahiye ।

Asha Ek Raamaji Se,
Dooji Asha Chhod De,
Naata Ek Raamaji Se,
Dooje Naate Tod De ।
Sadhu Sang Raam Rang,
Ang Ang Rangiye,
Kaam Ras Tyaag Pyaare,
Raam Ras Pagiye ॥

Sita Raam Sita Raam,
Sitaraam Kahiye,
Jaahi Vidhi Raakhe Raam,
Taahi Vidhi Rahiye ।

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Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram Lyrics

This “Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram Lyrics” is the most Famous Bhajan of Sita-Ram, which is composed by Minakshi mazumdar.

And in the whole bhajan Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram, it talks about the Relationship and kindness of Shri Ram and Mata Sita.

Bhajan Credits “Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram”

BHAJAN INFOCREDITS
SongRam Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram
SingerMinakshi Mazumdar
Music By Gourab Shome

Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram Lyrics in Hindi

राम सिया राम सिया राम जय जय राम रामायण चौपाई

राम सिया राम सिया राम,
जय जय राम,
राम सिया राम सिया राम,
जय जय राम॥

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मंगल भवन अमंगल हारी,
द्रबहुसु दसरथ अजर बिहारी।
॥ राम सिया राम सिया राम…॥

होइ है वही जो राम रच राखा,
को करे तरफ़ बढ़ाए साखा।
॥ राम सिया राम सिया राम…॥

धीरज धरम मित्र अरु नारी,
आपद काल परखिये चारी।
॥ राम सिया राम सिया राम…॥

जेहि के जेहि पर सत्य सनेहू,
सो तेहि मिलय न कछु सन्देहू।
॥ राम सिया राम सिया राम…॥

जाकी रही भावना जैसी,
प्रभु मूरति देखी तिन तैसी।
॥ राम सिया राम सिया राम…॥

हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता
कहहि सुनहि बहुविधि सब संता।
॥ राम सिया राम सिया राम…॥

रघुकुल रीत सदा चली आई,
प्राण जाए पर वचन न जाई।
॥ राम सिया राम सिया राम…॥

राम सिया राम सिया राम,
जय जय राम,
राम सिया राम सिया राम,
जय जय राम॥

Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram Lyrics in English

Ram Siya Ram Siya Ram,
Jai Jai Ram,
Ram Siya Ram Siya Ram,
Jai Jai Ram ॥

Mangal Bhavan Amangal Haari,
Drabahusu Dasarath Ajar Bihaari ।
॥ Ram Siya Ram Siya Ram ॥

Hoi Hai Vahee Jo Ram Rach Raakha,
Ko Kare Taraf Badhay Saakha ।
॥ Ram Siya Ram Siya Ram ॥

Dheeraj Dharam Mitr Aru Naari,
Aapada Kaal Parakhiye Chaari ।
॥ Ram Siya Ram Siya Ram ॥

Jehi Ke Jehi Par Satya Sanehu,
So Tehi Milaya Na Kachhu Sandehu ।
॥ Ram Siya Ram Siya Ram ॥

Jaaki Rahi Bhavana Jaisi,
Prabhu Murati Dekhi Tin Taisi ।
॥ Ram Siya Ram Siya Ram ॥

Hari Anant Hari Katha Ananta
Kahahi Sunahi Bahuvidhi Sab Santa ।
॥ Ram Siya Ram Siya Ram ॥

Raghukul Reet Sada Chali Aayi,
Pran Jaye Par Vachan Na Jayi ।
॥ Ram Siya Ram Siya Ram ॥

Ram Siya Ram Siya Ram,
Jai Jai Ram,
Ram Siya Ram Siya Ram,
Jai Jai Ram ॥

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